इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
सीताराम चतुर्वेदी द्वारा रचित यह पुस्तक, भरत मुनि के कालजयी ग्रंथ ‘नाट्य शास्त्र’ पर एक नवीन और विस्तृत भाष्य प्रस्तुत करती है। ‘नाट्य शास्त्र’ भारतीय नाटक, संगीत, नृत्य और सौंदर्यशास्त्र का विश्वकोश माना जाता है। इस पहले खंड में, लेखक ने मूल सिद्धांतों जैसे रस सिद्धांत, भाव, अभिनय और नाट्यकला के विभिन्न रूपों की समकालीन दृष्टिकोण से व्याख्या की है। यह कृति ‘नाट्य शास्त्र’ के जटिल श्लोकों को सरल भाषा में समझाती है, जिससे यह छात्रों, शोधकर्ताओं और कला प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी हो जाती है। यह भारतीय प्रदर्शन कलाओं की आत्मा को समझने में मदद करती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।