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अञ्ञ्नापवनंजयनाटकं सुभद्रानाटिका - Anjanapavanamjayanatak Subhadra Natika - Book
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अञ्ञ्नापवनंजयनाटकं सुभद्रानाटिका – Anjanapavanamjayanatak Subhadra Natika – Book

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310 Pages
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6 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

यह एक ही ग्रंथ में दो संस्कृत नाटकों का संग्रह है, जिसे श्री हस्तिमल्ल ने लिखा है। पहला नाटक ‘अंजनपवनंजय’ है, जो हनुमान जी के माता-पिता, अंजना और पवनंजय की कहानी पर आधारित एक जैन नाटक है। दूसरा ‘सुभद्राहरण’ है, जो अर्जुन द्वारा सुभद्रा के हरण की महाभारत की प्रसिद्ध कथा पर आधारित है। यह पुस्तक जैन नाट्य परंपरा और संस्कृत साहित्य के एक कुशल नाटककार की कला का प्रदर्शन करती है।

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