Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
दिवाकर दिव्य ज्योति [भाग १८] - Diwakar Divya Jyoti [Bhag 18] - Book
IndianKitab

दिवाकर दिव्य ज्योति [भाग १८] – Diwakar Divya Jyoti [Bhag 18] – Book

इस पुस्तक के विषय

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह ‘दिवाकर दिव्य ज्योति’ प्रवचन श्रृंखला का अठारहवाँ भाग है, जिसमें जैन दिवाकर श्री चौथमल जी महाराज जैसे किसी ‘दिवाकर’ उपाधिधारी संत के प्रवचनों का संग्रह है। ‘सूर्य की दिव्य ज्योति’ के समान, ये प्रवचन अज्ञान के अंधकार को दूर कर धर्म और ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। इस खंड में उनके द्वारा दिए गए व्याख्यान शामिल हैं जो पाठकों को एक नैतिक और आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए सरल और प्रभावी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।