इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
एकादश स्कन्ध’ श्रीमद्भागवत महापुराण का ग्यारहवाँ अध्याय है, जिसे ‘उद्धव गीता’ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अपने परम भक्त उद्धव को दिए गए अंतिम उपदेशों का विस्तृत वर्णन है। यह स्कन्ध ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के गूढ़ रहस्यों को उजागर करता है। इसमें श्रीकृष्ण संसार से अपने प्रस्थान का संकेत देते हुए उद्धव के प्रश्नों का उत्तर देते हैं और आत्म-ज्ञान, कर्म-योग और शरणागति के महत्व को समझाते हैं। यह भागवत का एक अत्यंत दार्शनिक और मार्मिक हिस्सा है, जो साधकों के लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
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