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जैन लक्षणावली [भाग 1] - Jain Lakshnavali [Bhag 1] - Book
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जैन लक्षणावली [भाग 1] – Jain Lakshnavali [Bhag 1] – Book

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426 Pages
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27 MB
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पुस्तक विवरण

जैन लक्षणावली’ जैन धर्म में प्रयुक्त होने वाले पारिभाषिक शब्दों और अवधारणाओं का एक विश्वकोश या शब्दकोश है। ‘लक्षणावली’ का अर्थ है लक्षणों या परिभाषाओं की सूची। यह ग्रंथ जैन दर्शन, सिद्धांत और साहित्य में आने वाले विशिष्ट शब्दों (जैसे- द्रव्य, गुण, पर्याय, नय, प्रमाण) की सटीक और प्रामाणिक परिभाषा प्रस्तुत करता है। पहला भाग संभवतः वर्णानुक्रम में शुरुआती अक्षरों से संबंधित शब्दों को शामिल करता है। यह जैन शास्त्रों के अध्येताओं और शोधकर्ताओं के लिए एक अनिवार्य संदर्भ ग्रंथ है, जो शब्दों के सही अर्थ को समझने में मदद करता है।

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