इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘जैन तत्व निर्णय’ नामक श्रृंखला का पहला भाग है, जिसका उद्देश्य जैन धर्म के तत्वों (सिद्धांतों) पर एक निर्णायक और स्पष्ट समझ प्रस्तुत करना है। इस पहले भाग में संभवतः जैन दर्शन के मूलभूत तत्वों जैसे- जीव, अजीव, पुण्य, पाप, और नवतत्त्व की परिभाषा और उनके स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह स्वाध्याय करने वाले जैन श्रावकों और दर्शन के विद्यार्थियों के लिए एक व्यवस्थित और प्रामाणिक ग्रंथ है, जो सिद्धांतों पर उनकी पकड़ को मजबूत करता है।
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