इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘जैन विद्या’ (Jainology) के क्षेत्र में अब तक हुई ‘उपलब्धियों’ का मूल्यांकन करती है और भविष्य में शोध की ‘संभावनाओं’ पर प्रकाश डालती है। इसमें जैन दर्शन, साहित्य, इतिहास, कला और पुरातत्व के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण शोध कार्यों का सर्वेक्षण हो सकता है। साथ ही, यह उन क्षेत्रों की ओर भी इशारा करती है जहाँ अभी और अधिक अनुसंधान की आवश्यकता है। यह जैन विद्या के शोधकर्ताओं के लिए एक दिशा-निर्देशक ग्रंथ है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।