इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह जैन श्वेतांबर आगम साहित्य के बारह उपांगों में से एक है। ‘जम्बूद्वीप प्रज्ञप्ति’ का अर्थ है ‘जम्बूद्वीप का वर्णन’। यह एक विस्तृत और पौराणिक भूगोल का ग्रंथ है, जिसमें जैन ब्रह्मांड विज्ञान के अनुसार मध्य-लोक के पहले द्वीप, जम्बूद्वीप, की संरचना का विस्तृत वर्णन है। इसमें मेरु पर्वत, विभिन्न क्षेत्र, नदियाँ, और वहाँ रहने वाले मनुष्यों तथा देवताओं का वर्णन किया गया है। यह जैन ब्रह्मांड विज्ञान को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
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