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कसाय पाहुडं [भाग-12] - Kasaya Pahudam [Bhag-12] - Book
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कसाय पाहुडं [भाग-12] – Kasaya Pahudam [Bhag-12] – Book

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पुस्तक विवरण

यह दिगंबर जैन आगम साहित्य के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गहन ग्रंथ ‘कसाय पाहुड’ (कषाय प्राभृत) का बारहवाँ खंड है। आचार्य गुणधर द्वारा रचित इस ग्रंथ में क्रोध, मान, माया, लोभ इन चार ‘कषायों’ की प्रकृति और उनके कर्म बंध में भूमिका का अत्यंत सूक्ष्म और गणितीय विश्लेषण है। यह ग्रंथ और इस पर लिखी गई ‘जयधवला’ टीका जैन कर्म सिद्धांत के सबसे उन्नत अध्ययनों में से हैं और केवल गंभीर विद्वानों द्वारा ही समझे जा सकते हैं।

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