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पावस प्रवचन [भाग 4] - Pavas Pravachan [Bhag 4] - Book
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पावस प्रवचन [भाग 4] – Pavas Pravachan [Bhag 4] – Book

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246 Pages
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8 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

यह ‘पावस-प्रवचन’ श्रृंखला का चौथा भाग है। ‘पावस’ का अर्थ है वर्षा ऋतु, और जैन परंपरा में साधु-संत वर्षा ऋतु के चार महीनों (चातुर्मास) में एक ही स्थान पर रहकर धर्मोपदेश देते हैं। इस पुस्तक में किसी जैन मुनि द्वारा चातुर्मास के दौरान दिए गए प्रवचनों का संग्रह है। ये प्रवचन धर्म, नैतिकता, आत्म-चिंतन और एक सदाचारी जीवन जीने की कला पर केंद्रित होते हैं, जो श्रोताओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

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