इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
प्रश्नोत्तर-रत्न-चिंतामणि’ का अर्थ है ‘प्रश्नोत्तर रूपी रत्नों की चिंतामणि (इच्छापूर्ति करने वाली मणि)’। यह एक जैन ग्रंथ है जो प्रश्न और उत्तर की शैली में लिखा गया है। इसमें धर्म और दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों के सारगर्भित और सटीक उत्तर दिए गए हैं। यह कृति एक चिंतामणि रत्न की तरह साधकों की सभी आध्यात्मिक जिज्ञासाओं को शांत करती है और उन्हें ज्ञान के बहुमूल्य रत्न प्रदान करती है।
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