इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
दशवैकालिक सूत्र’ जैन आगम के ‘मूलसूत्रों’ में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसकी रचना आर्य शय्यंभव ने अपने पुत्र मनक को अल्प समय में मुनि धर्म की शिक्षा देने के लिए की थी। यह सूत्र जैन साधुओं के आचार-नियमों का सार प्रस्तुत करता है, जिसमें अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह महाव्रतों का पालन, भिक्षा के नियम और इंद्रिय-निग्रह जैसे विषयों पर संक्षिप्त और सारगर्भित उपदेश हैं। यह पहला भाग इन मौलिक शिक्षाओं की शुरुआत करता है, जो संयम और वैराग्य के मार्ग पर चलने वाले साधकों के लिए एक आधारशिला है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।