इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह श्री शक्ति, विशेष रूप से देवी त्रिपुरसुंदरी (त्रिपुराम्बिका), की महिमा का गुणगान करने वाला एक शक्तिशाली स्तोत्र है। जिस प्रकार ‘शिवमहिम्नः स्तोत्र’ भगवान शिव की महिमा का वर्णन करता है, उसी प्रकार यह स्तोत्र देवी के परब्रह्म स्वरूप, उनकी सृष्टि, स्थिति और संहार करने की शक्ति, और उनकी कृपा का काव्यात्मक वर्णन करता है। ‘महिम्नः’ का अर्थ है ‘महिमा की कोई सीमा नहीं’। यह स्तोत्र शाक्त परंपरा, विशेषकर श्रीविद्या के उपासकों, के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, ज्ञान और देवी की असीम कृपा प्राप्त होती है, ऐसा माना जाता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।