इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ के मूल संस्कृत श्लोकों का संग्रह है, जिसमें कोई टीका या अनुवाद शामिल नहीं है। ‘मूलम्’ का अर्थ है ‘केवल मूल पाठ’। इसमें महाभारत के भीष्म पर्व में वर्णित भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद के सभी 700 श्लोक 18 अध्यायों में संकलित हैं। यह प्रस्तुति उन पाठकों और साधकों के लिए है जो गीता के श्लोकों का सीधे पाठ करना चाहते हैं, उन्हें कंठस्थ करना चाहते हैं, या अपनी पसंद के किसी भाष्य के साथ उनका अध्ययन करना चाहते हैं। यह गीता के पवित्र और शक्तिशाली शब्दों को उनके शुद्धतम रूप में अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है।
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