इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
शुद्धि चंद्रोदय’ का अर्थ है ‘शुद्धि रूपी चंद्रमा का उदय’। स्वामी श्रद्धानंद, जो एक प्रमुख आर्य समाजी नेता और समाज सुधारक थे, की यह कृति ‘शुद्धि आंदोलन’ पर केंद्रित है। इस आंदोलन का उद्देश्य उन लोगों को वापस हिन्दू धर्म में लाना था, जिन्होंने किसी कारणवश अन्य धर्म अपना लिया था। यह पुस्तक शुद्धि की अवधारणा, उसकी आवश्यकता, और उसके पीछे के तर्कों को प्रस्तुत करती है। यह आर्य समाज के इतिहास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।