इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
सिद्धान्त चन्द्रिका’ संभवतः संस्कृत व्याकरण या किसी भारतीय दर्शन के सिद्धांतों पर लिखा गया एक ग्रंथ है, और यह उसका ‘पूर्वार्ध’ यानी पहला आधा हिस्सा है। ‘चन्द्रिका’ का अर्थ है चांदनी, जो सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है। व्याकरण के संदर्भ में, यह पाणिनि की अष्टाध्यायी पर आधारित प्रक्रिया ग्रंथ हो सकता है। दर्शन के संदर्भ में, यह किसी विशेष मत के सिद्धांतों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत कर सकता है। यह विषय के गंभीर और उन्नत छात्रों के लिए एक शास्त्रीय कृति है।
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