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चन्द्रकान्ता सन्तति [भाग-१६-१८] - ChandarKanta Santti [Bhag-16-१८] - Book
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चन्द्रकान्ता सन्तति [भाग-१६-१८] – ChandarKanta Santti [Bhag-16-१८] – Book

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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

यह देवकीनन्दन खत्री के प्रसिद्ध तिलिस्मी उपन्यास ‘चंद्रकांता संतति’ के 16वें से 18वें भाग का संयुक्त संस्करण है। ‘चंद्रकांता’ के बाद की पीढ़ी की यह कहानी ऐयारी, तिलिस्म, रहस्य और रोमांच से भरपूर है। यह उपन्यास अपनी अनूठी और कल्पनाशील कथावस्तु के लिए प्रसिद्ध है, जिसने एक समय में लाखों लोगों को हिंदी पढ़ना सिखाया। ये भाग भी उसी रोमांचक कथा को आगे बढ़ाते हैं, जो पाठकों को अपनी जादुई दुनिया में बांधे रखती है।

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