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संस्कृत व्याकरण में गणपाठ की परम्परा और आचार्य पाणिनि - Sanskrit Vyakaran Me Ganpath Ki Parampara Aur Acharya Panini - Book
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संस्कृत व्याकरण में गणपाठ की परम्परा और आचार्य पाणिनि – Sanskrit Vyakaran Me Ganpath Ki Parampara Aur Acharya Panini – Book

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पुस्तक विवरण

यह पुस्तक संस्कृत व्याकरण की एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण परंपरा ‘गणपाठ’ पर केंद्रित है, जिसमें आचार्य पाणिनि के योगदान का विश्लेषण किया गया है। ‘गणपाठ’ सूत्रों को संक्षिप्त बनाने के लिए एक ही नियम के अंतर्गत आने वाले शब्दों का समूह है। यह ग्रंथ गणपाठ की ऐतिहासिक परंपरा, उसकी संरचना और पाणिनि के ‘अष्टाध्यायी’ में उसके महत्व को उजागर करता है। यह शोधकर्ताओं और संस्कृत व्याकरण के गहन अध्येताओं के लिए एक मूल्यवान कृति है, जो पाणिनि के व्याकरणिक نظام को समझने में एक नई दृष्टि प्रदान करती है और संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता को दर्शाती है।

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