इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘यजुर्वेद’ पर लिखा गया एक ‘भाष्य’ अर्थात एक विस्तृत और विद्वत्तापूर्ण टीका है। यजुर्वेद मुख्य रूप से यज्ञ-संबंधी गद्यात्मक मंत्रों का संग्रह है। यह भाष्य इन संस्कृत मंत्रों के शब्दार्थ, उनके विनियोग (यज्ञ में प्रयोग), और उनके आध्यात्मिक तथा प्रतीकात्मक अर्थों की गहन व्याख्या करता है। यह वैदिक विद्वानों, पुरोहितों और उन शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है जो यजुर्वेदीय कर्मकांड और उसके पीछे के दर्शन को समझना चाहते हैं।
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