इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
मध्यसिद्धान्तकौमुदी’ आचार्य वरदराज द्वारा रचित संस्कृत व्याकरण का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है। यह पाणिनि के ‘अष्टाध्यायी’ पर आधारित भट्टोजिदीक्षित की ‘सिद्धान्तकौमुदी’ का एक संक्षिप्त संस्करण है। इसे ‘सिद्धान्तकौमुदी’ और ‘लघुसिद्धान्तकौमुदी’ के बीच का ग्रंथ माना जाता है, इसलिए इसका नाम ‘मध्य’ है। इसमें व्याकरण के नियमों को न बहुत अधिक विस्तार से और न ही बहुत अधिक संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है। यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो संस्कृत व्याकरण का एक मध्यम-स्तर का, लेकिन व्यवस्थित अध्ययन करना चाहते हैं।
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