इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
दत्तिलम्’ आचार्य दत्तिल द्वारा रचित प्राचीन भारतीय संगीत का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह नाट्यशास्त्र के समकालीन या उसके कुछ समय बाद की रचना मानी जाती है। इस ग्रंथ में भारतीय शास्त्रीय संगीत के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि श्रुति, स्वर, ग्राम, मूर्च्छना, तान, और ताल का व्यवस्थित और वैज्ञानिक विवेचन किया गया है। यह गान्धर्व संगीत की परंपरा को समझने के लिए एक आधारभूत ग्रंथ है। संगीत के इतिहासकारों और गंभीर विद्यार्थियों के लिए यह एक अनिवार्य और अमूल्य कृति है, जो संगीत के प्राचीन सिद्धांतों पर प्रकाश डालती है।
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