इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह देवकीनन्दन खत्री के प्रसिद्ध तिलिस्मी उपन्यास ‘चंद्रकांता संतति’ के 16वें से 18वें भाग का संयुक्त संस्करण है। ‘चंद्रकांता’ के बाद की पीढ़ी की यह कहानी ऐयारी, तिलिस्म, रहस्य और रोमांच से भरपूर है। यह उपन्यास अपनी अनूठी और कल्पनाशील कथावस्तु के लिए प्रसिद्ध है, जिसने एक समय में लाखों लोगों को हिंदी पढ़ना सिखाया। ये भाग भी उसी रोमांचक कथा को आगे बढ़ाते हैं, जो पाठकों को अपनी जादुई दुनिया में बांधे रखती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।