इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह हिंदी के शुरुआती और सबसे प्रसिद्ध उपन्यासों में से एक है, जिसे देवकीनंदन खत्री ने लिखा है। यह उनके पहले उपन्यास ‘चंद्रकांता’ की अगली कड़ी है और तिलिस्म (जादुई भूलभुलैया), ऐयारी (जासूसी और भेष बदलने की कला), और रहस्य-रोमांच से भरपूर है। कहानी राजकुमार वीरेंद्र सिंह और राजकुमारी चंद्रकांता के बच्चों के कारनामों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कई तिलिस्मों को तोड़ते हैं और दुश्मनों का सामना करते हैं। इस उपन्यास ने हिंदी में पढ़ने की आदत को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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