इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक रीतिकाल के प्रसिद्ध ‘प्रेम की पीर के कवि’ घनानंद (यहाँ धनआनन्द) के ‘कवित्त’ छंदों का एक सुंदर संग्रह है। घनानंद अपनी प्रेयसी सुजान के प्रति अपने निश्छल प्रेम और विरह की गहरी अनुभूति को व्यक्त करने के लिए जाने जाते हैं। इस संग्रह में उनके सबसे प्रसिद्ध और मार्मिक कवित्त शामिल हैं, जो उनकी भाषा की प्रवाहमयता, भावों की तीव्रता और प्रेम की पीड़ा के सजीव चित्रण को दर्शाते हैं।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।