इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पंडित रामनरेश त्रिपाठी द्वारा संपादित प्रसिद्ध काव्य-संग्रह ‘कविता कौमुदी’ का पाँचवाँ भाग है। इस श्रृंखला का उद्देश्य हिंदी, उर्दू, संस्कृत और बंगला की चुनी हुई कविताओं को एकत्र कर पाठकों के सामने प्रस्तुत करना था। यह पाँचवाँ भाग संभवतः किसी विशिष्ट भाषा या विषय की कविताओं पर केंद्रित है। ‘कविता कौमुदी’ ने हिंदी भाषी जनता में काव्य के प्रति रुचि जगाने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
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