इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
नामघोषा’ असम के महान संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव के प्रमुख शिष्य माधवदेव द्वारा रचित एक भक्तिपूर्ण ग्रंथ है। यह असमिया वैष्णव साहित्य की एक उत्कृष्ट कृति है। ‘नामघोषा सार’ इस बृहत् ग्रंथ का सार-संक्षेप प्रस्तुत करता है। इसमें ईश्वर, विशेष रूप से भगवान कृष्ण, के नामों की महिमा का गुणगान किया गया है और शरणागति तथा भक्ति के महत्व पर जोर दिया गया है। यह सार-ग्रंथ पाठकों को ‘नामघोषा’ की मूल शिक्षाओं और उसकी भक्ति-भावना से संक्षिप्त और सुगम तरीके से परिचित कराता है।
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