इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
पंचग्रंथी’ का अर्थ है ‘पाँच ग्रंथों वाला’। यह संभवतः संस्कृत व्याकरण के पाँच प्रमुख प्रक्रिया-ग्रंथों का एक सम्मिलित संस्करण या उन पर आधारित एक अध्ययन है। व्याकरण के अध्ययन की इस परंपरा में छात्रों को पाँच प्रमुख ग्रंथों में पारंगत कराया जाता था। यह कृति संस्कृत व्याकरण के गंभीर और पारंपरिक अध्येताओं के लिए है, जो विषय पर गहन अधिकार प्राप्त करना चाहते हैं।
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