Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
प्राकृत विद्या अक्टूबर -दिसम्बर 2007 - Prakrit Vidhya Oct Dec- 2007 - Book
IndianKitab

प्राकृत विद्या अक्टूबर -दिसम्बर 2007 – Prakrit Vidhya Oct Dec- 2007 – Book

Pages
128 Pages
File Size
57 MB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

प्राकृत विद्या’ प्राकृत भाषाओं और साहित्य को समर्पित एक शोध पत्रिका है। अक्टूबर-दिसंबर 2007 का यह अंक इस क्षेत्र में हुए नवीनतम शोध को प्रस्तुत करता है। प्राकृत भाषाएं प्राचीन भारत की लोक भाषाएं थीं और जैन आगमों तथा कई साहित्यिक कृतियों का माध्यम थीं। इस अंक में प्राकृत व्याकरण, जैन साहित्य, अशोक के शिलालेखों की भाषा, या अपभ्रंश साहित्य पर विद्वानों के शोध-पत्र, ग्रंथ समीक्षाएं, और पांडुलिपियों पर टिप्पणियाँ शामिल हो सकती हैं। यह प्राचीन भारतीय भाषाओं के अध्ययन के लिए एक महत्त्वपूर्ण अकादमिक संसाधन है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।