इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक 15वीं सदी के महान संत-कवि रविदास (रैदास) के ‘जीवन चरित्र’ और उनकी ‘बानी’ (उपदेशों और पदों) पर आधारित है। रैदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जाति-पाति का विरोध किया और सच्ची भक्ति तथा मन की पवित्रता का संदेश दिया। इस कृति में उनके प्रेरणादायक जीवन की प्रमुख घटनाओं और उनके प्रसिद्ध पदों (जैसे – ‘प्रभु जी तुम चंदन हम पानी’) को उनकी सरल व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है।
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