इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक रामायण के एक अत्यंत मार्मिक और महत्वपूर्ण प्रसंग ‘राम-वन-गमन’ पर केंद्रित है। इसमें भगवान श्री राम के अयोध्या त्यागकर चौदह वर्ष के वनवास के लिए प्रस्थान करने की हृदय-विदारक कथा का विस्तृत वर्णन है। यह कृति उस समय के पात्रों, जैसे दशरथ, कौशल्या, सीता, और लक्ष्मण की मनोदशा, और अयोध्या के लोगों के दुःख का गहन और भावनात्मक चित्रण करती है। यह त्याग, कर्तव्य-परायणता और धर्म के पालन का एक उत्कृष्ट आख्यान है।
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