इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की प्रतिष्ठित शोध पत्रिका ‘सारस्वती सुषमा’ का दिसंबर 1977 – मार्च 1978 का एक संयुक्त अंक है। यह अकादमिक प्रकाशन संस्कृत और भारतीय विद्या के विभिन्न क्षेत्रों में हुए शोध को प्रस्तुत करता है। इस अंक में संस्कृत साहित्य, व्याकरण, दर्शन, वेद, और पुरालेख जैसे विषयों पर विद्वानों द्वारा लिखे गए उच्च-स्तरीय शोध लेख, ग्रंथ समीक्षाएं, और टिप्पणियाँ शामिल होंगी। यह उस अवधि में संस्कृत अध्ययन की स्थिति और विद्वानों के शोध-कार्यों को जानने का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
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