इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह ‘शालिभद्र’ के जीवन पर आधारित एक प्रसिद्ध जैन कथा-काव्य है। शालिभद्र राजगृह के एक अत्यंत धनी व्यापारी के पुत्र थे, जो अकूत धन-वैभव और बत्तीस पत्नियों के साथ विलासितापूर्ण जीवन जीते थे। भगवान महावीर के उपदेशों से प्रभावित होकर, उन्होंने अपनी समस्त संपत्ति और परिवार का त्याग कर दिया और कठोर तपस्या करके मोक्ष प्राप्त किया। यह कहानी त्याग, वैराग्य और आत्म-कल्याण का एक शक्तिशाली संदेश देती है।
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