इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस’ का प्रथम सोपान या कांड है, जिसे ‘बालकाण्ड’ के नाम से जाना जाता है। इस खंड में मंगलाचरण के बाद शिव-पार्वती विवाह, नारद मोह, मनु-शतरूपा की तपस्या, रावण और उसके वंश के अत्याचार, और पृथ्वी की पुकार का वर्णन है। इसका मुख्य भाग भगवान विष्णु के राम के रूप में अवतार, उनके बचपन की लीलाओं, विश्वामित्र के साथ उनकी यात्रा, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, और सीता स्वयंवर में शिव-धनुष भंग करके सीता से उनके विवाह की कथा पर केंद्रित है। यह महाकाव्य की नींव रखता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।