Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
षटखंडागम खंड 4 - Shatkhandagam Khand 4 - Book
IndianKitab

षटखंडागम खंड 4 – Shatkhandagam Khand 4 – Book

आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह दिगंबर जैन परंपरा के सर्वोच्च और सबसे प्राचीन आगम ग्रंथ ‘षट्खंडागम’ का चौथा खंड है। आचार्य पुष्पदंत और भूतबलि द्वारा रचित इस विशाल ग्रंथ में जैन कर्म सिद्धांत और सत्ता मीमांसा का अत्यंत सूक्ष्म और गहन विवेचन है। यह चौथा खंड, जिसे ‘वेदना खंड’ कहा जाता है, कर्मों के उदय से जीव द्वारा अनुभव की जाने वाली सुख-दुःख रूपी वेदना का विस्तृत विश्लेषण करता है। यह जैन सिद्धांत का एक बहुत ही उन्नत और तकनीकी ग्रंथ है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।