इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
हीरालाल जैन द्वारा लिखित ‘वीर वर्धमान चरितम’ जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर, भगवान महावीर के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक कृति है। ‘चरितम’ का अर्थ है जीवन-चरित्र। इस पुस्तक में भगवान महावीर के जन्म, युवावस्था, गृह-त्याग, कठोर तपस्या, केवलज्ञान की प्राप्ति और उनके द्वारा दिए गए उपदेशों का प्रामाणिक और भक्तिपूर्ण वर्णन है। यह ग्रंथ पाठकों को महावीर स्वामी के अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह के संदेशों को समझने और उनके त्यागपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है।
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