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साहित्य स्थायी मूल्य और मूल्यांकन - Sahitya Sthayi Mulya Aur Mulyankan - Book
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साहित्य स्थायी मूल्य और मूल्यांकन – Sahitya Sthayi Mulya Aur Mulyankan – Book

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160 Pages
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2 MB
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इस पुस्तक के विषय

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पुस्तक विवरण

प्रसिद्ध आलोचक रामविलास शर्मा द्वारा लिखित यह पुस्तक साहित्य के मूल्यांकन के मानदंडों पर एक गंभीर और विचारोत्तेजक कृति है। इसमें लेखक इस प्रश्न पर विचार करते हैं कि साहित्य के शाश्वत या स्थायी मूल्य क्या हैं और किसी साहित्यिक कृति का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रगतिशील दृष्टिकोण से साहित्य और समाज के रिश्ते की पड़ताल की है। यह हिंदी आलोचना की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है, जो साहित्य के छात्रों, आलोचकों और गंभीर पाठकों को साहित्य को समझने की एक नई दृष्टि प्रदान करती है।

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